HANUMAN CHALISA TALKS :
| प्रवचन : | दोहा /चौपाई संख्या – दोहा / चौपाई | Month / year | DOWNLOAD |
| 01 | दोहा 1. श्री गुरु चरन सरोजरज निज मन मुकुर सुधारि । बरनउ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फ़ल चारि || |
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| Sept 2013 | ↓ Download | ||
| 02 | Oct 2013 | ↓ Download | |
| 03 | Nov 2013 | ↓ Download | |
| 04 | Dec 2013 | ↓ Download | |
| 05 | दोहा 2. बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौ पवन कुमार । बलबुद्धि विद्या देहुं मोहि हरहुं कलेश विकार|| |
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| Jan 2014 | ↓ Download | ||
| 06 | Feb 2014 | ↓ Download | |
| 07 | Mar 2014 | ↓ Download | |
| 08 | Apr 2014 | ↓ Download | |
| 09 | May 2014 | ↓ Download | |
| 10 | चौपाई 1. जय हनुमान ज्ञान गुणसागर | जय कपीश तिहुँ लोक उजागर || | ||
| June 2014 | ↓ Download | ||
| 12 | Aug 2014 | ↓ Download | |
| 13 | Sept 2014 | ↓ Download | |
| 14 | Oct 2014 | ↓ Download | |
| 15 | Nov 2014 | ↓ Download | |
| 16 | Dec 2014 | ↓ Download | |
| 17 | 2. रामदूत अतुलित बलधामा। अँजनिपुत्र पवनसुत नामा।। | ||
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| 18 | Feb 2015 | ↓ Download | |
| 19 | 3. महावीर विक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।। | ||
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| 20 | Apr 2015 | ↓ Download | |
| 21 | May 2015 | ↓ Download | |
| 22 | 4. कंचन बरन बिराज सुबेसा। कुमति निवार सुमति के संगी।। | ||
| June 2015 | ↓ Download | ||
| 23 | 5. हाथ वज्र और ध्वजा विराजे। कांधे मूँज जनेऊ साजे।। | ||
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| 24 | Aug 2015 | ↓ Download | |
| 25 | 6. संकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जगवंदन।। | ||
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| 26 | Oct 2015 | ↓ Download | |
| 27 | Nov 2015 | ↓ Download | |
| 28 | 7. विद्यावान गुणी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर ।। | ||
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| 29 | Jan 2016 | ↓ Download | |
| 30 | 8. प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥ | ||
| Feb 2016 | ↓ Download | ||
| 31 | Mar 2016 | ↓ Download | |
| प्रवचन संख्या: | दोहा /चौपाई संख्या – दोहा / चौपाई | Month / year | DOWNLOAD |
| 32 | चौ 9. सूक्ष्म रूप धरि सियहिँ दिखावा। विकट रूप धरि लंक जरावा॥ | ||
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| 33 | May 2016 | ↓ Download | |
| 34 | June 2016 | ↓ Download | |
| 35 | 10.- भीम रूप धरि असूर सँहारे। रामचंद्र के काज सँवारे॥ | ||
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| 36 | 11. लाए सजीवन लखन जियाए। श्री रघुवीर हरषि ऊर लाए॥ | ||
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| 37 | 12. रघुपति किन्हीं बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥ | ||
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| 38 | 13. सहस्र बदन तुम्हरो यश गावे । अस कही श्रीपति कंठ लगावें ॥ | ||
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| 14. सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा॥ | |||
| Oct 2016 | ↓ Download | ||
| 39 | 15. जम कुबेर दिग्पाल जहाँ ते। कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥ | ||
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| 39 | 16. तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा। राम मिलाय राजपद दीन्हा॥ | ||
| Nov 2016 | ↓ Download | ||
| 40 | 17. तुम्हरो मंतर विभीषण माना। लंकेश्वर भयेँ सब जग जाना॥ | ||
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| 41 | 18. जुग सहस्र जोजन पर भानु। लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥ | ||
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| 42 | 19. प्रभु मुद्रिका मेलि मुख मांहि। जलधि लांघी गए अचरज नांहि॥ | ||
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| 43 | 20. दुर्गम काज जगत के जे ते। सुगम अनुग्रह तुम्हारे ते ते॥ | ||
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| 44 | May 2017 | ↓ Download | |
| 45 | June 2017 | ↓ Download | |
| 46 | 21. राम दुवारे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।। | ||
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| 47 | Aug 2017 | ↓ Download | |
| 48 | Sept 2017 | ↓ Download | |
| 49 | 22. सब सुख लहै तुम्हारी शरणा। तुम रक्षक काहू को डरना॥ | ||
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| 50 | 23. आपन तेज सवारों आपै। तीनों लोक हाँक तें कांपे॥ | ||
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| 51 | Jan 2018 | ↓ Download | |
| 52 | 24. भूत पिशाच निकट नहीं आवें। महावीर जब नाम सुनावें॥ | ||
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| 53 | 25. नासे रोग हरे सब पीरा।जपत निरंतर हनुमत बीरा॥ | ||
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| 54 | 26. संकट से हनुमान छुडावे। मन क्रम वचन ध्यान जो लावै॥ | ||
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| 55 | May 2018 | ↓ Download | |
| 56 | 27. सब पर राम तपस्वी राजा। तिन्ह के काज सकल तुम साजा॥ | ||
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| 57 | 28. और मनोरथ जो कोई लाए। सोई अमित जीवन फल पावै ॥ | ||
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| 58 | Aug 2018 | ↓ Download | |
| प्रवचन : | दोहा /चौपाई संख्या – दोहा / चौपाई | Month / year | DOWNLOAD |
| 59 | चौ 29. चारों जुग परताप तुम्हारा। है प्रसिद्ध जगत उजियारा॥ | ||
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| 60 | 30. साधू संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे॥ | ||
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| 61 | Nov 2018 | ↓ Download | |
| 62 | 31. अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता । अस बर दीन्ह जानकी माता।। | ||
| Dec 2018 | ↓ Download | ||
| 63 | 32. राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥ | ||
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| 64 | Feb 2019 | ↓ Download | |
| 65 | Mar 2019 | ↓ Download | |
| 66 | 33. तुम्हरे भजन राम को पावैं। जनम जनम के दु:ख बिसरावैं। | ||
| Apr 2019 | ↓ Download | ||
| 67 | May 2019 | ↓ Download | |
| 68 | June 2019 | ↓ Download | |
| 69 | 34. अन्तकाल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरिभक्त कहांई।। | ||
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| 70 | 35. और देवता चित्त न धरई। हनुमत् सेवै सर्व सुख करई।। | ||
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| 71 | 36. संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा। | ||
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| 72 | 37. जै जै जै हनुमान गोसांई। कृपा करऊं गुरुदेव कि नाई ।। | ||
| Oct 2019 | ↓ Download | ||
| 73 | 38. जो सत बार पाठ कर कोई। छूटई बन्दी महसुख होई।। | ||
| Nov 2019 | ↓ Download | ||
| 73 | 39. जो यह पढें हनुमान चालीसा । होय सिद्धि साकी गौरीसा।। | ||
| Nov 2019 | ↓ Download | ||
| 73 | 40. तुलसी दास सदा हरि चेरा। कीजैं नाथ ह्रदय महं डेरा।। | ||
| Dec 2019 | ↓ Download | ||
| 73 | दोहा – पवन तनय संकट हरन, मङ्गल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित ह्रदय बसहुं सुरभूप|| |
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| Dec 2019 | ↓ Download | ||

